समाजवादी पार्टी के शासनकाल में शुरू की गई लगभग 20 हजार भर्तियों का डाटा क्लोन तैयार किया जाएगा। इसके हार्ड डिस्क में सुरक्षित डाटा को कॉपी कर आयोग और विजिलेंस को दिया जाएगा ताकि जांच और भर्तियां दोनों ही जारी रहें। गुरुवार को आयोग पहुंचे विजिलेंस और फोरेंसिक विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। इससे रुकी हुई भर्तियों को आगे बढ़ाने आसान हो जाएगा। समाजवादी शासनकाल में जारी हुए लगभग डेढ़ दर्जन विज्ञापनों की 20 हजार भर्तियों की विजिलेंस जांच हो रही है। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इन भर्तियों पर रोक लगी दी थी। इसके बाद से ही नियुक्तियों का काम ठप है। आयोग की पुनर्गठन होने के बाद इन नियुक्तियों को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है, ताकि अभ्यर्थियों का समय बर्बाद न हो। अंतिम फैसला विजलेंस की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। आयोग ने इस दिशा में कदम बढ़ाए तो पुराने डाटा हासिल करने की समस्या सबसे पहले आड़े आई। आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल ने इस पर शासन से दिशा निर्देश मांगा। पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोग,
विजलेंस और फोरेंसिंक विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि मूल डाटा से छेड़छाड़ न करते हुए उसका क्लोन तैयार लिया जाए। इससे विजिलेंस अपना काम कर सकेगा और आयोग अपना।
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